The owls and vampires have a story To say

Halloween moon whimpers! The nights suspended smog Peeps through The dozing mirthless trees A smog that’s viscose, heaving and panting One that gropes in the dark elusiveness. The Yonder looks penetrating and pensive Katydids and crickets chirp in choruses warning off predators In the lone shadows of night jungle Barred owls hoot in raucous duetsContinue reading “The owls and vampires have a story To say”

What does poetry mean to you ?

I was bleeding in emotions and passions They erupted, In erotic hallucinations  I would crib, and crumble, turn pale and feeble  I shuffled in grey assorted sentiments  In anguish and sunlight  In my heart and in my mind Then I decided to ink my vulnerabilities  I conjured up my fleeting thoughts  And wrote the lyricalContinue reading “What does poetry mean to you ?”

मेरी मम्मा- हिंदी कविता- श्रद्धांजलि

सुंदरता और सादगी की साड़ी बाँधेभोर की उजली चमक अपनी चोटी में साधेवात्सल्य की किरने ओढ़ेप्यार की मुस्कराहट में दमकती थीऐसी थी मेरी मम्मा रोज़ एक आशा सजा के रखती थीमुखमण्डल पर संतुष्टि की आभा सजा के रखती थीएक परवरिश जो हर पल गौरान्वित करेउसकी सच्चाई, नूर बनके टपकती थीऐसी थी मेरी मम्मा उसकी लिखाई,Continue reading “मेरी मम्मा- हिंदी कविता- श्रद्धांजलि”

उठाते हैं सर जब पीले फूल- हिंदी कविता – A2Z

बसंत पंचमी की देहरी परजब सरसों के पीले फूल सर उठाते हैंकुमुदिनी की बहार मीठी बयार छेड़ती हैदोपहरिया लम्बी होती जाती हैऔर शाम खुशगंवारहरियाली का आँचल पेड़ों को सहलाता हैताज़ा तरीन हलके हरे पत्तेकोपलों से फुफुसाते हैंधानी सी चुनरअंगड़ाई भर के सज जाती हैबारिश की फुहारें चमकीले छीटें बरसाती हैअंतर्मन गीला कर जाती हैरोआं रोआंContinue reading “उठाते हैं सर जब पीले फूल- हिंदी कविता – A2Z”

Open Mic by Chrysanthemum Chronicles

The first Virtual Open Mic, Chapter 1.0 powered by Chrysanthemum Chronicles happened today on the page ‘The One Hour Talk Show on Facebook!! It was a pleasure and honor to host the show. Please Go and like the page if you haven’t yet and watch the event recordings.https://www.facebook.com/PoweredbyChrysanthemumChronicles2020 You can watch the event here:- ThankyouContinue reading “Open Mic by Chrysanthemum Chronicles”

इ- इत्र सी मनभावन– हिंदी कविता – #A2Z

चैत और बैसाख की पुरवईयाजैसे कोई मीठी मादक बात,बसंत बहार का अल्हड रागजैसे बला सी खूबसूरत लाल गुलहड़ और गुलाबझींगुर की लोरी संगीतबद्ध, हरी लम्बी भीगी घासजैसे एक टुकड़ा जंगली खुशबू, एक मखमली टाटगाढ़ी नरगिसी डहेलिया की झुरमुटेंजैसे पीली फुवार में फब्ती चमकीली धूपफगुआ गाने को बेचैन गुलदाउदीजैसे सुनेहरे खुशखबरियों का गुच्छाइत्र सी मनभावन सफ़ेदContinue reading “इ- इत्र सी मनभावन– हिंदी कविता – #A2Z”

ध- धूप – हिंदी कविता – #A2Z

आसमान में छेद करके बिखरती पीली किरणेंतीखी धार सी बारीक, पिघले सोने सी चमकदारभीनी खुश्बुओं के तरह फैलती निरंतर,चहुंओर लगातारखुशखबरी सी मीठी बेसब्रर और ताज़ा और गिरती हैं जब खनककर पेड़ों पर, पत्तों परतब छन कर आती है धूप बिम्ब प्रतिबिम्ब मेंचंचल चहल चपल रौशनी, टूट के बिखरने को बेकरारबुनती हैं एक धूप छाँव काContinue reading “ध- धूप – हिंदी कविता – #A2Z”

क – कतरा कतरा पिघलती शाम– हिंदी कविता – #A2Z

कतरा कतरा पिघलती शाममुझमें हर्फ़ – दर – हर्फ़ कुछ उकेरती हैरूहानी रोमानी गुलाबी छटाकशिश के रंग बिखेरती है ।ढलता सूरज ढलते आँचल सा मनचला हैमैं हरसिंगार इत्र सी पसरती हूँतुम्हारा प्यार रात की तरह भीतरघुन्ना हैमैं दिल के राज़ टटोलती हूँ ।मेरी तिश्नगी अँधेरे में डूब जाती हैपरछाइयों का मेला लग जाता हैमैं रातContinue reading “क – कतरा कतरा पिघलती शाम– हिंदी कविता – #A2Z”

ब – बारिश और मैं – हिंदी कविता – #A2Z

आसमान से बरसी खुदाई हैकिसी की दुआ तो कुबूल हुई हैगीला हो गया है अंतर्मन एक राहत महसूस होती है ये चमकीली सजावट हैजो टूट के बरसी हैआज खुशियों का जन्मदिन हैतुम भी शामिल हो जाओ ये पानी के झालर हैंखनक के लहराते हैंझंकार से बूंदे बजती हैंकुछ संगीत सुनायी देता है मेरा एकालाप एकाग्र हैप्रफुल्लित हो रहा हैएक मादक हंसी उभरती हैआँखों की चमक में एक कोना मन का सूखा था ठेठ हो रहा थाचिंताओं की परिकाष्ठा थीइच्छाएं धूमिल हो रही थी इस मनभावन इत्र में इस बरसात की रौनक मेंजड़ में चेतना आ गयी मन की मिठास वातानुकूलित हो गयी ठंडी हवाContinue reading “ब – बारिश और मैं – हिंदी कविता – #A2Z”