मेरी मम्मा- हिंदी कविता- श्रद्धांजलि

सुंदरता और सादगी की साड़ी बाँधेभोर की उजली चमक अपनी चोटी में साधेवात्सल्य की किरने ओढ़ेप्यार की मुस्कराहट में दमकती थीऐसी थी मेरी मम्मा रोज़ एक आशा सजा के रखती थीमुखमण्डल पर संतुष्टि की आभा सजा के रखती थीएक परवरिश जो हर पल गौरान्वित करेउसकी सच्चाई, नूर बनके टपकती थीऐसी थी मेरी मम्मा उसकी लिखाई,Continue reading “मेरी मम्मा- हिंदी कविता- श्रद्धांजलि”