पलाश के फूल !

एक पेड़ लदा है पलाश के फूलों सेसुर्ख लाल गुच्छा, एक हरा पत्ता भी नहींगहरी होती रात में, जहां खुशबुएं बेपर्दा हैंतुम मिले हो मुझे वहां परसमय से परे, ज़माने से बेपरवाहमैंने एक लम्हा चुरा लिया है,ख्वाइशों का वास्ता दे करबाद में वहाँ दास्ताँ मिलेगी, लम्हा घुल जायेगा कहीं परलाल स्याही से रंगे बेलॉस पलाशContinue reading “पलाश के फूल !”

Haibun!!

This green balm is serenading, spreading on my forehead beneath the yon sanguine sky. It’s becoming my top of the mind recall…diluting my berserk mind. They say nature stirs a clarity inside you….I say at least it’s engrossing. Each breath has become observant, reminiscent of the vista… thawing the emotions…outlining the blur. I breath aContinue reading “Haibun!!”

Spring Escapades – Nature Poem

The eastern influx of sunshine Spreads its vivacity and awakens the dozing directions all around Spreading like ether From the tree crowns, the sunshine basks inwards refined through the canopy of fresh leaves The woodlands breathe the shining nectar And the golden ambrosia bathes the whole savanna rejuvenated The sunfed bluebells and ramsons carpet theContinue reading “Spring Escapades – Nature Poem”

Through the eyes of Ruskin!

Away from the atrocities of profane reality And the marauding claws of urbanization Still under the vigilant layers of pristine love And caressed by virgin nature Time stops at shamli, a paradise of sorts!! The rain in the mountains here Humidify the blustery air, waning the grey clouds And A flight of pegions, hasting aContinue reading “Through the eyes of Ruskin!”

रात की चादर-हिंदी कविता – A2Z

सितारों की ओढ़नी से ये रात सुसज्जित है चंदा की बिंदिया माथे पर दमकती है रात की रानी मदहोशी सेचांदनी मे निखरती हैं फिर वही रात हैं खाविषों से धूलि हुई मैंने हाथ बढ़ा करकुछ सितारे समेटे हैं सपनो के बोयाम में रखकरछोड़ दिया है टिमटिमाहट तब परोसूँगी जब हसरतें उड़ान भरेंगी चंपा के गजरेContinue reading “रात की चादर-हिंदी कविता – A2Z”

प्रबोधन – हिंदी कविता – A2Z

कौतुहल से दूर, स्वयं के पासप्रकृति में विचरते हुएपेड़ फूल आसमान को फलते हुएमैंने देखा है, महसूस किया है सृजन की शक्ति कोपेड़ों की ओट में, चमकते सूरज कोपत्तों की गोद में, दुलारे फूलों कोहरियाली की छाओं में,ठंडी बयार को एक पोषण मिलता हैहमारी थकियारी चेतनाओं कोमन में शुद्धि , तन में स्फूर्तिएक तरोताज़ा छलांगContinue reading “प्रबोधन – हिंदी कविता – A2Z”

इ- इत्र सी मनभावन– हिंदी कविता – #A2Z

चैत और बैसाख की पुरवईयाजैसे कोई मीठी मादक बात,बसंत बहार का अल्हड रागजैसे बला सी खूबसूरत लाल गुलहड़ और गुलाबझींगुर की लोरी संगीतबद्ध, हरी लम्बी भीगी घासजैसे एक टुकड़ा जंगली खुशबू, एक मखमली टाटगाढ़ी नरगिसी डहेलिया की झुरमुटेंजैसे पीली फुवार में फब्ती चमकीली धूपफगुआ गाने को बेचैन गुलदाउदीजैसे सुनेहरे खुशखबरियों का गुच्छाइत्र सी मनभावन सफ़ेदContinue reading “इ- इत्र सी मनभावन– हिंदी कविता – #A2Z”

क – कतरा कतरा पिघलती शाम– हिंदी कविता – #A2Z

कतरा कतरा पिघलती शाममुझमें हर्फ़ – दर – हर्फ़ कुछ उकेरती हैरूहानी रोमानी गुलाबी छटाकशिश के रंग बिखेरती है ।ढलता सूरज ढलते आँचल सा मनचला हैमैं हरसिंगार इत्र सी पसरती हूँतुम्हारा प्यार रात की तरह भीतरघुन्ना हैमैं दिल के राज़ टटोलती हूँ ।मेरी तिश्नगी अँधेरे में डूब जाती हैपरछाइयों का मेला लग जाता हैमैं रातContinue reading “क – कतरा कतरा पिघलती शाम– हिंदी कविता – #A2Z”

Blog Tour – Daisy Bala’s Blossoms and Foliages

I’m happy to be taking part in the Blog Tour for Daisy Bala in promoting her bouquet of poetry. “If you truly love Nature, you will find Beauty … Blog Tour – Daisy Bala’s Blossoms and Foliages