माँ की बातें – हिंदी कविता

जो किस्से वो सुनाती थी, जो क़द्रें वो सुनाती थीचन्दन और पानी सी पुष्पित पल्लवित लगती थींजो लज़ीज़ बातें वो सुनाती थी, उनकी खुशबू घर कर जाती थींउसकी साड़ी का आँचल, मोह ममता का समावेश थागुलमोहर के पत्तों सी बारीक उसकी गीली हंसीमेरी आख़री तमन्ना सी अनमोल थीएक ताज़ा लिपे पुते आँगन की तरह वोContinue reading “माँ की बातें – हिंदी कविता”