Karmic Konnections- winning poem!

This is special because it came on the #WorldPoetryDay2021 ❤️❤️Thankyou so much KalaManthan for selecting me the winner in the karmic connections poetry prompt!! Here’s the winning entry!! Title- Karmic love! I owed you a karmic debt from past lifeThe debt of your splendor love, that you had showered on me as your wifeBut ourContinue reading “Karmic Konnections- winning poem!”

सुबह होने को है – हिंदी कविता

सुबह होने को है ऊंघते अनमनाते पेड़ों की ओट सेरात का कोहरा झांकता हैकोहरा जो हांफता हैअँधेरे को टटोलता है सब दिशाएं सुन्न हैंझींगुर लोरी मैं मगन हैचांदनी रात की अकेली परछाई मेंदूर कोई पंछी फड़फड़ाता हैं एक चिल्लाहट भर केफिर शांत हो जाता हैरात की फुसफुसाहटफिर दबे पैर चलती है फूलों की ठंडी ओसक्यारियोंContinue reading “सुबह होने को है – हिंदी कविता”

Third position in Hindi poetry competition@kalamanthan

So elated to stand third in the KalaManthan weekly Hindi poetry competition 😍🙏 The theme was ′′ Zindagi Sapnon Ka Bazar ′′ Here’s my entry:- Title- ज़िन्दगी सपनों का बाज़ार है ज़िन्दगी सपनों का बाज़ार है ,मैं रोज़ खरीदारी करती हूँएक आस खरीदती हूँ, एक सपना उधार लेती हूँमोलमोलाई भी करती हूँ, दाम का तकाज़ाContinue reading “Third position in Hindi poetry competition@kalamanthan”

ख़ामोशी बातों में

ख़ामोशी बातों में, समंदर आँखों मेंमुस्कान लबों पे, जवाकुसुम बालों मेंऔर मोगरे का इत्र लगाकर,जब तुम नज़दीक से गुज़रती हो, तो मानो रुक सा जाता हूँ मैं तुम्हारी चंचलता, तुम्हारी सहजतातुम्हारा प्रतिबिम्ब, अमिट छाप छोड़ता है मुझपेवो माथे की बिंदी, वो जुड़वां काले नयनावो लहराता दुपट्टा, सम्मोहित करता है मुझे उस दिन तुम्हे जाते हुए,Continue reading “ख़ामोशी बातों में”

Runner up in poetry competition@Kalamanthan

So glad to be a runner up in KalaManthan’s Second Poetry Prompt for English Poetry Writing. The prompt was “Falling leaves and Bare branches” And here’s the winning poem:- Title- Let’s rise this fall When the charms of summer sunshine and golden pleasantries begin to retreat And evocative winds pick pace, breaking a silence discreetContinue reading “Runner up in poetry competition@Kalamanthan”