औरत-दुर्गा भी, काली भी!- हिंदी कविता – A2Z

जब दुर्गा मिटटी की मूरत है,तो उसकी पूजा करते हैंपर जब दुर्गा जीवंत है, तब उसकी अवहेलना करते हैंढोल,शंकनाद, आरती से प्रतिमा का स्वागत करते हैंऔर जब लक्ष्मी ब्याह के लाते हैं, उसका निरादर करते हैं बहुत हुआ ये दोगलापन, ये आडम्बर, ये दिखावानारी तू नारायणी ही नहीं, कालरात्रि और मृत्यु भी हैतू जननी औरContinue reading “औरत-दुर्गा भी, काली भी!- हिंदी कविता – A2Z”