नारी- हिंदी कविता – A2Z

मैं ख्वाबों को साड़ी की छोर से बांधती हूँमैं रिश्तों को गुल्लक में सहेजती हूँमैं अपना परिचय अपने परिजनों में पाती हूँमैं पल छीन लम्हों से ज़िन्दगी सजाती हूँमैं ख़ुशी में रोती हूँ, गम में मुस्कुराती हूँहरा नीला दर्द, दिल की कैफियत छुपाती हूँमैं विश्वास के आईने में, आशा की बिंदी लगाती हूँमैं मुख़्तसर सेContinue reading “नारी- हिंदी कविता – A2Z”